अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन कतई बर्दाश्त नहीं होगा : एसीएस प्रवीण गुप्ता

जयपुर। राजस्थान राज्य राजमार्ग प्राधिकरण अब टोल अनुरक्षण अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन कर सरकार को राजस्व हानि पहुंचाने की घटनाओं पर जीरो टोलेरेंस की नीति अपना रहा है। ऐसे ही एक प्रकरण में प्राधिकरण ने नियमित फॉलोअप कर कोर्ट से जमानती वारंट जारी करवाएं हैं। मेसर्स अंकिता एनवायरा केयर एंड सिक्योरिकोर, बड़ोदरा (गुजरात) के निदेशक, बिन्दु विनोद लाम्बा के विरुद्ध विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (एनआई कोर्ट संख्या 6, जयपुर मेट्रो प्रथम) ने दो मामलों में गत 13 जनवरी को जमानती वारंट जारी किए हैं। इस फर्म ने रू. 18.30 करोड़ तथा रू. 7.98 करोड़ की मय शास्ति बकाया राशि का भुगतान नहीं किया, इसके बाद चैक लगाया गया था और वह बाउंस हो गया। उल्लेखनीय है कि एजेंसी को वर्ष 2024-25 हेतु रू. 12.27 करोड़ एवं रू. 5.11 करोड़ के अनुबंध के अंतर्गत टोल प्लाज़ा अनुरक्षण कार्य सौंपा गया था, जिसके अंतर्गत उन्हें साप्ताहिक आधार पर टोल संग्रहण की राशि राज्य सरकार को नियमित रूप से जमा करवानी थी। लेकिन फर्म ने नियमानुसार भुगतान नहीं किया तथा रू. 18.30 करोड़ तथा रू. 7.98 करोड़ की राशि बकाया रही। इसके अतिरिक्त एजेंसी द्वारा प्रस्तुत चेक बैंक शाखा ने अपर्याप्त धनराशि के कारण गत 2 जून को बाउंस कर दिया ।

प्राधिकरण द्वारा वसूली के लिए प्रभावी विधिक कार्यवाही की गई, जिसके परिणामस्वरूप दो मामलों (प्रकरण संख्या 41844/25 एवं 41833/25) में धारा 138, निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के अंतर्गत एसएचओ सदर थाना, जयपुर को जमानती वारंट जारी किए गए हैं।

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक धन की सुरक्षा सर्वोपरि है और भविष्य में ऐसे सभी मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी।

इस प्रकरण में अतिरिक्त मुख्य सचिव, सार्वजनिक निर्माण विभाग, प्रवीण गुप्ता के निर्देशन में आवश्यक विधिक कार्यवाही संपादित की गई है। जिसमें लोक अभियोजक, दिवाकर रावल की प्रभावी पैरवी तथा आर.एस.एच.ए. के अधिकारी अक्षय कुमार जैन, सदस्य (रियायत एवं पीपीपी), आरिफ मोहम्मद खान, सदस्य (तकनीकी), अविनाश साहू (प्रभारी अधिकारी), विनोद कुमार जांगिड़ (कानूनी सलाहकार) एवं सी. एस. कटारा (अति. महाप्रबन्धक, विधि) के विशेष प्रयासों से यह न्यायिक कार्यवाही सुनिश्चित हुई

हिंदुस्तान जिंक और CIMIC ग्रुप के बीच बड़ा करार, राजस्थान में स्थापित होगी भारत की पहली जिंक टेलिंग्स रीसाइक्लिंग फैसिलिटी

हिंदुस्तान जिंक और CIMIC ग्रुप के बीच बड़ा करार, राजस्थान में स्थापित होगी भारत की पहली जिंक टेलिंग्स रीसाइक्लिंग फैसिलिटी

वेदांता समू की कंपनी और दुनिया की अग्रणी एकीकृत जिंक उत्पादक, हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड (HZL) ने आज खनन क्षेत्र में एक नई क्रांति का सूत्रपात किया है। कंपनी ने राजस्थान की अपनी प्रसिद्ध रामपुरा आगुचा माइंस में भारत की पहली जिंक टेलिंग्स रीसाइक्लिंग फैसिलिटी विकसित करने के लिए सीआईएमआईसी (CIMIC) ग्रुप की कंपनियों—सेडगमैन और लेटन एशिया—को इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन (EPC) का कॉन्ट्रैक्ट देने की घोषणा की है। वेस्ट से वेल्थ : कचरे से निकलेगी चांदी और जिंक आमतौर पर खनन के बाद बचे हुए बारीक अवशेषों (टेलिंग्स) को बेकार मान लिया जाता है। हालांकि, हिंदुस्तान जिंक की यह नई फैसिलिटी उन्नत तकनीक का उपयोग कर इन अवशेषों से जिंक और चांदी जैसी मूल्यवान धातुओं को वापस निकालेगी। यह कदम न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि संसाधनों के अधिकतम उपयोग की दिशा में एक बड़ा बदलाव है।

₹3,823 करोड़ का बड़ा निवेश

हिंदुस्तान जिंक ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए 3,823 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी है। यह प्लांट 10 मिलियन टन प्रति वर्ष की क्षमता वाला होगा। कंपनी का लक्ष्य इसे शून्य कर्ज (Zero Debt) के साथ अगले 28 महीनों में पूरा करने का है। यह प्रोजेक्ट कंपनी की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वह अपनी उत्पादन क्षमता को दोगुना करने के लिए ₹12,000 करोड़ का निवेश कर रही है।

वैश्विक विशेषज्ञता और स्थानीय अनुभव का संगम

इस प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन के लिए दो वैश्विक दिग्गजों को जिम्मेदारी दी गई है:

सेडगमैन (Sedgman): मिनरल्स प्रोसेसिंग में अपनी वैश्विक विशेषज्ञता के साथ तकनीकी इंजीनियरिंग और विदेशी उपकरणों की खरीद संभालेगी।

लेटन एशिया (Leighton Asia): भारत में अपने मजबूत बुनियादी ढांचे के अनुभव के साथ ऑन-साइट निर्माण और स्थानीय खरीद का प्रबंधन करेगी।

नेतृत्व का दृष्टिकोण : हिंदुस्तान जिंक के सीईओ, अरुण मिश्रा ने इस मौके पर कहा-यह प्रोजेक्ट खनन में ‘एक्सट्रैक्शन से ऑप्टिमाइजेशन’ की ओर एक बड़ा बदलाव है। हम एक ऐसा ब्लूप्रिंट तैयार कर रहे हैं कि कैसे पुराने संसाधनों को भविष्य की सप्लाई में बदला जा सकता है, जिससे देश की मिनरल सिक्योरिटी मजबूत होगी।”

वहीं, CIMIC ग्रुप के कार्यकारी अध्यक्ष जुआन सैंटामारिया ने इसे क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

सतत विकास में अग्रणी

हिंदुस्तान जिंक को हाल ही में S&P ग्लोबल कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट 2025 में लगातार तीसरे वर्ष दुनिया की सबसे सस्टेनेबल मेटल और माइनिंग कंपनी के रूप में मान्यता मिली है। यह नई फैसिलिटी न केवल भारत की खनिज जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ‘सर्कुलर इकोनॉमी’ के वैश्विक लक्ष्यों को भी मजबूती देगी।

 

उदयपुर विकास प्राधिकरण की बड़ी स्ट्राइक : कालारोही और कलडवास में दो अवैध होटल सील

उदयपुर विकास प्राधिकरण की बड़ी स्ट्राइक : कालारोही और कलडवास में दो अवैध होटल सील

उदयपुर। शहर में बिना अनुमति और नियमों के विरुद्ध चल रहे व्यावसायिक निर्माणों के खिलाफ उदयपुर विकास प्राधिकरण (UDA) ने अपना शिकंजा कस दिया है। प्राधिकरण आयुक्त राहुल जैन एवं सचिव हेमेन्द्र नागर के निर्देशानुसार, यूडीए के दस्ते ने शुक्रवार को कालारोही और कलडवास क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से संचालित दो होटलों को सील कर दिया। केस 1: कालारोही में फार्म हाउस की जमीन पर बना ‘होटल आर्याइन’ सीलराजस्व ग्राम कालारोही के आराजी संख्या 822 पर स्थित ‘होटल आर्याइन’ के खिलाफ प्राधिकरण ने सख्त कदम उठाया। उल्लंघन : यह भूमि मूलतः फार्म हाउस प्रयोजन के लिए रूपांतरित थी। निर्माणकर्ता ने बिना किसी भू-उपयोग परिवर्तन (Land Use Change) और बिना प्रशासनिक स्वीकृति के यहाँ बहुमंजिला होटल खड़ा कर व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर दी थीं।

कार्रवाई : यूडीए अधिनियम-2023 की धारा 32 के तहत नोटिस जारी करने के बावजूद कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं किए गए, जिसके बाद दल ने मौके पर पहुंचकर पूरे निर्माण को सील कर दिया।

केस 2 : कलडवास में ‘भवानी होटल’ पर भी जड़ा तालाइसी कड़ी में प्राधिकरण ने कलडवास स्थित आराजी संख्या 3830/3597 के भूखंड संख्या 01 पर भी कार्रवाई की।

उल्लंघन : यहां शिवलाल पटेल द्वारा ‘भवानी होटल’ का अवैध व्यावसायिक निर्माण कर उसका संचालन किया जा रहा था।

कार्रवाई : इस मामले में भी धारा 32 के तहत प्रकरण दर्ज कर विधिक कार्रवाई की गई। जांच में अवैध संचालन पाए जाने पर प्राधिकरण की टीम ने इसे भी सील कर दिया।

कार्रवाई में शामिल टीम

उपायुक्त सुरेंद्र बी. पाटीदार और शैलेष खैरवा के आदेश पर तहसीलदार रणजीत सिंह विठू के नेतृत्व में इस अभियान को अंजाम दिया गया। टीम में अभय सिंह चुंडावत, विजय नायक, सूरपाल सिंह सोलंकी, भरत हथाया, बाबूलाल तावड़ (भू-अभिलेख निरीक्षक), पटवारी दीपक जोशी और होमगार्ड का जाब्ता मौजूद रहा

भीलवाड़ा : धन के पीछे न भागें, ध्यान करें, वैभव खुद आपके पास आएगा’—मुनि आदित्य सागर महाराज

भीलवाड़ा : धन के पीछे न भागें, ध्यान करें, वैभव खुद आपके पास आएगा’—मुनि आदित्य सागर महाराज

भीलवाड़ा। शहर के आरसी व्यास कॉलोनी स्थित राजकीय स्कूल मैदान में आयोजित तीन दिवसीय ‘मंत्राक्ष ध्यान शिविर’ का शुक्रवार को भव्य समापन हुआ। मुनि श्री आदित्य सागर महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित इस शिविर के अंतिम दिन मुनि श्री ने श्रद्धालुओं को जीवन का मूल मंत्र देते हुए कहा कि मनुष्य को धन के पीछे भागने के बजाय ध्यान के माध्यम से अपने मन को स्थिर करना चाहिए। जब मन स्थिर और जागृत होता है, तो धन और वैभव स्वतः ही व्यक्ति की ओर आकर्षित होने लगते हैं। 1500 श्रद्धालुओं ने बीजाक्षर मंत्रों से पाई मानसिक शांति शिविर के तीसरे दिन तड़के 5:15 बजे से ही ध्यान का सत्र शुरू हो गया, जिसमें बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों सहित करीब 1500 लोगों ने हिस्सा लिया। मुनि श्री ने विशेष ‘बीजाक्षर मंत्रों’ के माध्यम से गहन ध्यान कराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि धन के प्रति मनुष्य का आकर्षण और मनुष्य के प्रति धन का आकर्षण, ये दो अलग विषय हैं। ध्यान व्यक्ति को इतना समर्थ बना देता है कि सफलता और संपत्ति उसके पीछे आने लगती है।

अनुभव: “दो घंटे बैठना भी हुआ आसान”

शिविर के दौरान श्रद्धालुओं ने अपने चमत्कारी अनुभव साझा किए। नीलम जैन ने बताया कि वह पहले कुछ मिनट भी जमीन पर नहीं बैठ पाती थीं, लेकिन ध्यान के प्रभाव से अब वे दो घंटे तक एकाग्र होकर बैठने में सफल रहीं। भोपाल से आईं अनमोल जैन और डॉ. पूजा जैन ने भी मंत्रों के माध्यम से शरीर में एक नई ऊर्जा और असीम शांति महसूस होने की बात कही।

आयोजकों और प्रायोजकों का सम्मान

शिविर के सफल आयोजन के बाद संयोजक अतुल पाटनी ने बताया कि अंतिम दिन का मुख्य उद्देश्य धन-संपत्ति की वृद्धि के लिए मानसिक स्पष्टता लाना था। समापन समारोह में मुख्य प्रायोजक कुलवीर ग्रुप के डायरेक्टर अतुल पाटनी, राहुल शर्मा और सिद्धार्थ शर्मा को यंत्र एवं मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का कुशल प्रबंधन ‘आदित्यं इवेंट’ द्वारा किया गया।

भक्ति का सफर जारी

उल्लेखनीय है कि मुनि आदित्य सागर महाराज का 11 जुलाई को श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में मंगल प्रवेश हुआ था, जिसके बाद भक्तांबर महामंडल विधान और अब इस मंत्राक्ष ध्यान शिविर के संपन्न होने से पूरा भीलवाड़ा धर्ममय हो गया है। ध्यान सत्र के उपरांत श्रद्धालुओं की शंकाओं का समाधान भी किया गया और उन्हें विशेष यंत्र प्रदान किए गए

कर्नल राज्यवर्धन ने दिया झोटवाड़ा में शिक्षा का मानवीय मॉडलः नंबरों से आगे की सोच, मूल्य तय करेंगे मंजिल

कर्नल राज्यवर्धन ने दिया झोटवाड़ा में शिक्षा का मानवीय मॉडलः नंबरों से आगे की सोच, मूल्य तय करेंगे मंजिल

जयपुर। जीवन बनाने के लिए एग्जाम्स सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं होते और न नंबर्स ही सब कुछ होते हैं। लेकिन नॉलेज हासिल करना और उसे जीवन में सही तरीके से इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है। ज्ञान किताबों से आता है, संवाद से आता है, एक-दूसरे को सुनने से आता है। आज गैजेट्स से भी नॉलेज मिलती है, लेकिन हमें उनका गुलाम नहीं बनना है उन्हें टूल्स की तरह इस्तेमाल करना है। उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने शुक्रवार को विद्यार्थियों को सफलता का मंत्र दिया। वे आज जयपुर के हीरापुरा स्थित कमला देवी बुधिया राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में युवा संवाद और मेगा पीटीएम में विद्यार्थियों और पेरेंट्स-टीचर्स मीट को संबोधित कर रहे थे। सुबह 11ः00 बजे आयोजित मेगा पेरेंट्स-टीचर्स मीट में अभिभावक-शिक्षक और छात्रों के बीच कर्नल राज्यवर्धन स्वयं संवाद का सेतु बने। कार्यक्रम में कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से आत्मीय संवाद किया और शिक्षा, संस्कार और बच्चों के सर्वांगीण विकास पर सारगर्भित विचार रखे। कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि हर पीटीएम में अभिभावक अक्सर बच्चों के नंबर और रैंक के बारे में ही पूछते हैं, लेकिन यह सोच बदलने की जरूरत है। उन्होंने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि नंबर सफलता की गारंटी नहीं देते लेकिन यह तय है कि हर व्यक्ति में कोई न कोई विशेष क्वालिटी जरूर होती है। आपको अपनी उसी अच्छाई को पहचानकर आगे बढ़ने की जरूरत है। शिक्षकों ने अच्छे माहौल में संवाद करते हुए अपने सुझाव रखे और कहा कि पीटीएम में माता-पिता केवल बच्चे के नंबरों के बारे में ही नहीं पूछें बल्कि अभिभावकों को यह भी पूछना चाहिए कि बच्चा खेल, कला, संगीत या अन्य गतिविधियों में कैसा है। हर बच्चे में कोई ना कोई गुण जरूर होता है। वह पढ़ाई के साथ ही किसी अन्य क्षेत्र में भी उत्कृष्ट हो सकता है। बच्चे की रूचि के अनुसार उसी दिशा में अगर बच्चे का हौसला बढ़ाया जाए तो वह आगे चलकर देश का नाम रोशन कर सकता है।

स्कूल के सीनियर शिक्षकों ने सुझाव दिया कि बच्चों पर पढ़ाई का अनावश्यक बोझ न डालते हुए उन्हें बिना तनाव पढ़ने का माहौल दिया जाना जरूरी है। शिक्षकों के इस सुझाव का कर्नल राज्यवर्धन ने समर्थन किया। पीटीएम में वरिष्ठ अध्यापिका ने सुझाव दिया कि बच्चे माता-पिता को कॉपी करते हैं इसलिए पेरेंट्स के लिए जरूरी है कि वे अपने बच्चों के सामने अपने माता-पिता का सम्मान करें। ताकि बच्चों को उनसे सीख मिल सके, इससे आने वाली पीढ़ियां अपने आप सुधर जाएंगी। इस विचार का कर्नल राज्यवर्धन ने सहर्ष स्वागत किया।

उन्होंने कहा मैं भी शिक्षक रहा हूं। सभी के लिए जरूरी संदेश यही है कि बच्चे वही करते हैं जो वो देखते है सुनते हैं। इसलिए हमें अपने माता-पिता यानी बच्चों के दादा-दादी का सम्मान करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच सकारात्मक संवाद का मजबूत पुल तैयार किया, जिससे यह पीटीएम केवल बैठक नहीं बल्कि विचार और विश्वास का मंच बन गई

रीको का फोकस : मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्यमियों के प्रति सहयोगात्मक व्यवहार ही बनेगी संस्थान की नई पहचान – शिखर अग्रवाल

रीको का फोकस : मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्यमियों के प्रति सहयोगात्मक व्यवहार ही बनेगी संस्थान की नई पहचान – शिखर अग्रवाल

जयपुर। राजस्थान के औद्योगिक परिदृश्य को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और राज्य में निवेश की गति को तीव्र करने के उद्देश्य से रीको द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘रेजिडेंशियल कैपेसिटी बिल्डिंग वर्कशॉप’ का शुक्रवार को समापन हुआ। जयपुर में आयोजित इस कार्यशाला में प्रदेश भर के 80 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया, जहां औद्योगिक विकास के आधुनिक मानकों और प्रशासनिक नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला के मुख्य सत्र को संबोधित करते हुए रीको अध्यक्ष शिखर अग्रवाल ने अधिकारियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि “रीको की कार्यप्रणाली में अब निरंतर नवाचार समय की मांग है। हमारे औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने अधिकारियों को अपना विजन स्पष्ट करते हुए कहा कि “उद्यमियों को नीतियों का त्वरित लाभ मिले, अधिकारियों का व्यवहार पूर्णतः सहयोगात्मक हो और इंफ्रास्ट्रक्चर विश्वस्तरीय एवं मजबूत हो—यही रीको की असली पहचान बननी चाहिए।” अग्रवाल ने पर्यावरण और व्यवस्थाओं पर जोर देते हुए आगे कहा कि रीको क्षेत्रों में वेस्ट एवं एफ्यूलेंट मैनेजमेंट का उचित निस्तारण, सीईटीपी की प्रभावी मॉनिटरिंग और विद्युत-जल आपूर्ति की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के दौरान रीको प्रबंध निदेशक श्रीमती शिवांगी स्वर्णकार ने भी नॉलेज शेयरिंग के महत्व पर प्रकाश डाला और अधिकारियों को उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु प्रेरित किया। रीको प्रबंध निदेशक श्रीमती शिवांगी स्वर्णकार ने यह भी बताया कि रीको द्वारा विकसित सभी औद्योगिक क्षेत्रों के नाम में एकरूपता व स्पष्टता लाने एवं स्ट्रेटेजिक ब्रांडिंग करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है कि जिन औद्योगिक क्षेत्रों का क्षेत्रफल 50 हेक्टेयर तक है, उन्हें इंडस्ट्रियल ग्रोथ पार्क (IGP) कहा जाएगा तथा जिन औद्योगिक क्षेत्रों का क्षेत्रफल 50 हेक्टेयर से अधिक है, उन्हें रीको इकोनोमिक एवं इनवेस्टमेंट जोन (REIZ) कहा जाएगा।

इस दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में अधिकारियों को ‘रीको डिस्पोजल ऑफ लैंड रूल्स 1979’ के नवीनतम संशोधनों, ऑनलाइन मॉड्यूल्स और सिविल कार्यों में गुणवत्ता नियंत्रण की तकनीकी बारीकियों से अवगत कराया गया। व्यावहारिक समझ विकसित करने के लिए अधिकारियों को विशेष फील्ड विजिट भी कराई गई, ताकि वे जमीनी चुनौतियों का बेहतर समाधान निकाल सकें।

सरस्वती वंदन, युवा संवाद एवं मेगा पीटीएम – सीएम ने 1 हजार करोड़ रुपये से अधिक की दी सौगात

सरस्वती वंदन, युवा संवाद एवं मेगा पीटीएम – सीएम ने 1 हजार करोड़ रुपये से अधिक की दी सौगात

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी होती है। देश-प्रदेश की तरक्की में युवाओं की निर्णायक भूमिका है। युवा देश के वर्तमान भी हैं और भविष्य भी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर कदम पर प्रदेश के विद्यार्थियों और युवाओं के साथ खड़ी है। वे पूरी लगन एवं मेहनत से पढ़ाई करें, नवाचार करें और योजनाओं का लाभ उठाकर अपने सपनों को साकार करें। उन्होंने इस दौरान राजकीय महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए जयपुर में विदेशी भाषा संचार कौशल स्कूल खोलने की घोषणा भी की। शर्मा शुक्रवार को बसंत पंचमी एवं नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयन्ती के अवसर पर कॉमर्स कॉलेज में आयोजित सरस्वती वंदन, युवा संवाद एवं मेगा पीटीएम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बसंत पंचमी की बधाई देते हुए कहा कि यह पर्व नवचेतना, नवसृजन और नवसंकल्प का प्रतीक है। प्रदेश में 75 लाख विद्यार्थियों द्वारा सामूहिक सरस्वती वंदना कर शिक्षा की देवी को नमन किया गया है। उन्होंने कहा कि सुभाष चन्द्र बोस ने आजाद हिन्द फौज की स्थापना कर देश की आजादी में योगदान दिया। युवाओं का सशक्तीकरण राज्य सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं की शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार के लिए अनेक तरह के प्रोत्साहन दे रही है। 1 लाख से अधिक पदों पर नियुक्तियां प्रदान की गई हैं और विभिन्न संवर्गाें के 1 लाख 43 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन हैं और एक लाख सरकारी पदों की भर्ती परीक्षा का कैलेण्डर जारी किया गया है। निजी क्षेत्र में करीब ढाई लाख युवाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 71 नए राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना, संभाग स्तर पर युवा साथी केंद्र की स्थापना, खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का आयोजन जैसे कार्य किए गए हैं। साथ ही, युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए राजस्थान युवा नीति, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, युवाओं को कौशल प्रशिक्षण तथा इंटर्नशिप, 65 आई-स्टार्टअप लॉन्चपैड नेस्ट स्थापना, 658 स्टार्टअप्स को करीब साढ़े 22 करोड़ रुपये की सहायता जैसे निर्णय लिए गए हैं।

मेगा पीटीएम के माध्यम से राजस्थान के शिक्षा क्षेत्र को मिलेगी नई दिशा

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए हमारी सरकार निरंतर नई नीतियों, योजनाओं और नवाचारों पर कार्य कर रही है। मेगा पीटीएम के माध्यम से भी राजस्थान को शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा मिलेगी। साथ ही, इसके माध्यम से शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी तीनों के बीच विश्वास और सहयोग की मजबूत कड़ी स्थापित हुई है। उन्होंने कहा कि सभी राजकीय विद्यालयों में कृष्णभोग का आयोजन हुआ है। यह पहल सामूहिक सहभागिता, आत्मीयता और सकारात्मक वातावरण और अधिक सुदृढ़ करती है। उन्होंने कहा कि निपुण राजस्थान कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों की पठन, लेखन एवं गणना क्षमता को गतिविधियों, प्रदर्शनों और सहभागिता के माध्यम से प्रस्तुत किया जा रहा है।

 

समाज का नेतृत्व कर रही बेटियां

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। राज्य सरकार बालिकाओं के जन्म से लेकर उन्हें सम्मानजनक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर जीवन देने के लिए हर कदम पर उनके साथ है। लाडो प्रोत्साहन योजना, बालिकाओं को निःशुल्क साइकिल, 1 लाख 64 हजार महिलाओं एवं बालिकाओं को निःशुल्क बेसिक कम्प्यूटर शिक्षा, अकाउंट और इंग्लिश स्पोकन जैसे प्रशिक्षण, मुख्यमंत्री नारी शक्ति कौशल सामर्थ्य जैसी योजनाओं से महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है।

विद्यार्थी नींव को करें मजबूत ताकि भविष्य में भर सकें ऊंची उड़ान

शर्मा ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में असाधारण क्षमता छिपी होती है। उसे पहचानिए और मेहनत, अनुशासन तथा मूल्यों के साथ आगे बढ़िए। उन्होंने कहा कि माता-पिता और शिक्षक दुनिया की सबसे मजबूत टीम है जो विद्यार्थी की जीत के लिए काम कर रही है। कभी-कभी इनकी बातें विद्यार्थियों को अनुशासन का बोझ लग सकती हैं लेकिन वे आपकी नींव को मजबूत कर रहे हैं ताकि विद्यार्थी भविष्य में ऊंची उड़ान भर सकें। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा को खुद पर हावी नहीं होने दें। हमारी असली प्रतिस्पर्धा खुद से होनी चाहिए। शिक्षक मार्गदर्शक, प्रेरक और मेंटर होते हैं। उनकी भूमिका केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं है। वे एक आत्मनिर्भर राष्ट्र की नींव तैयार करने में अहम कड़ी होते हैं।

शर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय युवाओं के सपनों पर कुठाराघात हुआ, पेपरलीक होते थे लेकिन हमारी सरकार ने इस मामले में कठोर कार्रवाई की है। युवाओं के सपनों को रौंदने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशानुरूप राज्य सरकार किसान, महिला, युवा और गरीब के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि मेगा पीटीएम में मुख्यमंत्री का विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद हम सभी के लिए प्रेरणादायी है। इससे शिक्षा के क्षेत्र में आगे का मार्ग और मजबूती से प्रशस्त होगा। उन्होंने कहा कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का जीवन हमारे युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने पराक्रम दिवस के अवसर पर नेताजी सुभाषचन्द्र बोस को पुष्प अर्पित कर नमन किया। इस दौरान वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर राजस्थान में 7 नवम्बर 2025 को प्रदेश के विद्यालयों में सामूहिक वंदे मातरम गायन के वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज होने पर मुख्यमंत्री को सर्टिफिकेट भेंट किया गया।

मुख्यमंत्री ने मेगा पीटीएम के तहत छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं अभिभावकों से किया संवाद

इस दौरान मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यभर में जोधपुर, कोटा, भरतपुर, बीकानेर, उदयपुर के छात्र-छात्राओं, अभिभावकों एवं शिक्षकों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि बच्चों में आपसी सहयोग की भावना विकसित करनी चाहिए, जिससे उनमें सामाजिक सौहार्द एवं जरूरतमंद की मदद करने की सोच विकसित हो। साथ ही, शिक्षकों को स्थानीय क्षेत्र की विरासत एवं कला से विद्यार्थियों को रूबरू कराने के लिए प्रमुख स्थलों का भ्रमण कराना चाहिए, जिससे वे अपने देश की संस्कृति पर गौरवान्वित हों। उन्होंने कहा कि अभिभावक एवं शिक्षक विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान कर उनका मार्गदर्शन भी करें। उन्होंने स्कूली छात्र-छात्राओं से प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम अभियान’ से जुड़कर पेड़ लगाने, पर्यावरण संरक्षण के लिए पानी और बिजली बचाने की अपील भी की। इस दौरान बच्चों, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने छात्र-छात्राओं के हित में संचालित की जा रही योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। साथ ही, राज्य सरकार की मेगा पीटीएम की पहल की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी सौगात

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थियों को 1 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी की। इस दौरान शर्मा ने प्रदेशभर में 3 लाख 34 हजार छात्राओं को 130 करोड़ रुपये की निःशुल्क साइकिलों के वितरण का शुभारम्भ किया। साथ ही, गार्गी पुरस्कार सहित विभिन्न बालिका योजनाओं के तहत लगभग 3 लाख से अधिक बालिकाओं को 126 करोड़ 81 लाख रुपये की राशि डीबीटी की। मुख्यमंत्री ने सत्र 2025-26 में 4 लाख 40 हजार पात्र विद्यार्थियों को ट्रांसपोर्ट वाउचर योजना के अंतर्गत लगभग 53 करोड़ रुपये की राशि भी डीबीटी के माध्यम से प्रदान की। उन्होंने लगभग 700 करोड़ रुपये की राशि सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत 55 लाख से अधिक लाभार्थियों को हस्तान्तरित की।

इस दौरान सांसद अतिरिक्त मुख्य सचिव उच्च एवं तकनीकी शिक्षा कुलदीप रांका, शासन सचिव स्कूल शिक्षा कृष्ण कुणाल सहित शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक एवं अभिभावक उपस्थित रहे।

राजस्थान पंचायत चुनाव : राज्य निर्वाचन आयोग ने मीडिया कर्मियों पर लगाए कड़े प्रतिबंध

राजस्थान पंचायत चुनाव : राज्य निर्वाचन आयोग ने मीडिया कर्मियों पर लगाए कड़े प्रतिबंध

जयपुर। राज्य निर्वाचन आयोग ने आगामी पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनावों के लिए मीडिया कवरेज को लेकर नए और बेहद सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग द्वारा 23 जनवरी 2026 को जारी यह आदेश चुनाव प्रक्रिया में ‘निष्पक्षता और पारदर्शिता’ लाने का दावा तो करता है, लेकिन इसमें लगाए गए कड़े प्रतिबंध डिजिटल युग में स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए बड़ी चुनौती के रूप में देखे जा रहे हैं। आयोग के ताजा दिशा-निर्देश देखने के लिए क्लिक करें।. कैमरा और मोबाइल पर ‘डिजिटल लॉक’

आयोग के नए निर्देशों के अनुसार, मतदान केंद्रों और मतगणना स्थलों पर मीडिया कर्मियों का प्रवेश केवल जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी ‘प्रवेश पत्र’ के आधार पर ही होगा। लेकिन, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि मतदान बूथ के भीतर मीडिया कर्मी न तो मोबाइल फोन ले जा सकेंगे और न ही किसी प्रकार की फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी कर सकेंगे। यही नियम जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों की मतगणना के दौरान भी लागू रहेगा। सवाल यह उठता है कि कैमरे के बिना मीडिया ‘पारदर्शिता’ की निगरानी आखिर कैसे करेगा?

अधिकारियों को ‘असीमित’ अधिकारः

आयोग ने चुनाव अधिकारियों को मीडिया के विरुद्ध ‘विशेषाधिकार’ प्रदान किए हैं। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 131 का हवाला देते हुए पीठासीन अधिकारियों को यह अधिकार दिया गया है कि वे किसी भी मीडिया कर्मी को, भले ही उसके पास वैध प्रवेश पत्र हो, केंद्र से बाहर निकाल सकते हैं। इसी प्रकार, मतगणना कक्ष में रिटर्निंग ऑफिसर को भी गोपनीयता के नाम पर मीडिया के प्रवेश को रोकने की पूरी छूट दी गई है। यह प्रावधान अधिकारियों के हाथ में एक ऐसा ‘हथियार’ देता है जिसका दुरुपयोग चुनाव की निष्पक्ष रिपोर्टिंग को दबाने के लिए किया जा सकता है।

सीमित पहुंच और सख्त शर्तेः

राज्य आयोग ने मीडिया कर्मियों की उपस्थिति को अधिक सीमित कर दिया है। अब एक समाचार पत्र के लिए केवल एक पत्रकार और एक फोटोग्राफर को ही प्रवेश पत्र मिल सकेगा। इसके लिए भी नामों की अनुशंसा चुनाव से 15 दिन पहले जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजनी होगी। इसके अलावा, पंचायत मुख्यालय पर होने वाली मतगणना में तो पत्रकारों को उपस्थित रहने की अनुमति ही नहीं दी गई है। हालांकि आयोग का तर्क है कि ये कदम ‘मतों की गोपनीयता’ बनाए रखने और मतगणना की ‘सुचारू व्यवस्था’ के लिए आवश्यक हैं, लेकिन सूचना के अधिकार और त्वरित रिपोर्टिंग के दौर में इस तरह के “सेंसरशिप” जैसे नियम चुनावी पारदर्शिता पर सवालिया निशान लगाते हैं।

राजस्थान में ED की कार्रवाई: 195 करोड़ की ठगी का खुलासा, अपेक्षा ग्रुप की करीब 16 करोड़ की संपत्तियां कुर्क

राजस्थान में ED की कार्रवाई: 195 करोड़ की ठगी का खुलासा, अपेक्षा ग्रुप की करीब 16 करोड़ की संपत्तियां कुर्क

 

जयपुर। राजस्थान में निवेश के नाम पर हजारों लोगों की गाढ़ी कमाई डकारने वाले अपेक्षा ग्रुप के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है। ईडी के जयपुर जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए अपेक्षा समूह की कुल 15.97 करोड़ रुपए की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (Attach) कर लिया है। इस कार्रवाई से प्रदेश के हाड़ौती अंचल के उन हजारों निवेशकों को न्याय की उम्मीद जगी है, जिनके करोड़ों रुपए इस पोंजी स्कीम की भेंट चढ़ गए थे। ईडी के अनुसार, प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत कुल 37 अचल संपत्तियों और एक चल संपत्ति को अटैच किया गया है। ये संपत्तियां मुख्य रूप से आवासीय और कृषि भूमि के रूप में हैं, जो राजस्थान के कोटा, बूंदी और बारां जिलों में स्थित हैं। ईडी के राडार पर मुरली मनोहर नामदेव, दुर्गा शंकर मेरोठा, अनिल कुमार, गिरिराज नायक और शोभा रानी जैसे मुख्य आरोपी और उनके सहयोगी हैं। इसके अतिरिक्त, समूह के बैंक खाते में जमा 1.50 करोड़ रुपए को भी फ्रीज कर दिया गया है। जांच में खुलासा हुआ है कि अपेक्षा ग्रुप ने आम जनता को झांसा देकर करीब 194.76 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि जुटाई थी। राजस्थान पुलिस द्वारा दर्ज विभिन्न एफआईआर के आधार पर ईडी ने इस मनी लॉन्ड्रिंग की परतें खोलना शुरू किया। मास्टरमाइंड मुरली मनोहर नामदेव और उसके साथियों ने बेहद शातिर तरीके से ऐसी फर्जी स्कीमें तैयार की थीं, जो निवेशकों को कम समय में अकल्पनीय ‘हाई रिटर्न’ का लालच देती थीं। हकीकत में, इन स्कीमों के पीछे कोई कानूनी आधार या ठोस वित्तीय बैकअप नहीं था।

यह पूरा गोरखधंधा 2012 से 2020 के बीच फल-फूल रहा था। आरोपी नए निवेशकों से पैसा लेकर पुराने निवेशकों को थोड़ा-बहुत रिटर्न देते थे, ताकि बाजार में भरोसा बना रहे और ज्यादा से ज्यादा लोगों को फंसाया जा सके। यह ‘मायाजाल’ तब टूटा जब कोविड-19 महामारी के दौरान आर्थिक संकट आया और निवेशकों ने अपना मूल धन वापस मांगना शुरू किया। पैसा वापस करने में असमर्थ रहने पर पूरा ‘अपेक्षा ग्रुप’ ताश के पत्तों की तरह ढह गया।

ईडी की जांच में यह भी साफ हुआ है कि निवेशकों से जुटाए गए फंड का इस्तेमाल उनके लाभ के लिए नहीं, बल्कि आरोपियों की व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए किया गया। करोड़ों रुपए की इस राशि को गैर-कानूनी तरीके से डायवर्ट कर नई कंपनियां खोली गईं और बेशकीमती संपत्तियां खरीदी गईं। फिलहाल ईडी इस मामले में आगे की जांच कर रही है, जिससे इस घोटाले से जुड़े अन्य चेहरों और बेनामी संपत्तियों के बेनकाब होने की संभावना है।

इंदौर के बाद अब महू में गंदे पानी का प्रकोप, एक ही मोहल्ले के 25 लोग बीमार,महू में दूषित जल आपूर्ति के कारण पीलिया और लिवर इंफेक्शन फैला- 

इंदौर के बाद अब महू में गंदे पानी का प्रकोप, एक ही मोहल्ले के 25 लोग बीमार,महू में दूषित जल आपूर्ति के कारण पीलिया और लिवर इंफेक्शन फैला-

इंदौर के पास महू में दूषित जल आपूर्ति के कारण पीलिया और लिवर इंफेक्शन फैला है। पत्ती बाजार और मोती महल क्षेत्र के करीब 25 लोग, जिनमें अधिकांश बच्चे हैं, बीमार पड़ गए हैं।

इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि अब शहर से महज 20 से 25 किलोमीटर दूर महू में जलजनित बीमारियों ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। महू के पत्ती बाजार और मोती महल जैसे रिहायशी इलाकों में पिछले 10 से 15 दिनों के भीतर लगभग 25 लोग संक्रमण का शिकार हो चुके हैं। इस बीमारी की सबसे ज्यादा मार मासूम बच्चों पर पड़ रही है, जो पीलिया और पेट संबंधी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं।

गंदे पानी की सप्लाई से बिगड़े हालात
स्थानीय निवासियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, चंदर मार्ग से शुरू हुई दूषित पानी की समस्या अब मोती महल तक विस्तार कर चुकी है। नलों के माध्यम से घरों में मटमैला और बदबूदार पानी पहुंच रहा है। इस स्थिति ने न केवल बच्चों के स्वास्थ्य को खतरे में डाला है, बल्कि उनकी शिक्षा पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाला है। उदाहरण के तौर पर, मिठोरा परिवार के छह बच्चे, जिनकी उम्र 11 वर्ष से 19 वर्ष के बीच है, कई दिनों से बीमार हैं। वहीं, अलीना नामक छात्रा संक्रमण के कारण अपनी प्री-बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हो सकी। 9 वर्षीय लक्षिता और 12 वर्षीय गीतांश भी वर्तमान में पीलिया से लड़ रहे हैं।

बुजुर्ग की हालत गंभीर और इंदौर रेफर
मोती महल क्षेत्र में स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है। यहां के छोटे बच्चों जैसे आदर्श, कृशु और यथार्थ को स्वास्थ्य बिगड़ने पर रेडक्रॉस अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। वहीं, बुजुर्ग जगदीश चौहान को लिवर में गंभीर इंफेक्शन होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर किया गया है। क्षेत्र के लोग इस बात से बेहद डरे हुए हैं कि संक्रमण का यह दायरा और अधिक न बढ़ जाए।

लंबे समय से शिकायत कर रहे थे रहवासी
रहवासियों का आरोप है कि वे लंबे समय से नगर परिषद और संबंधित विभाग को गंदे पानी की शिकायत कर रहे थे, लेकिन अधिकारियों ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया। लोगों ने बताया कि पीने के पानी की पाइप लाइन नालियों के बीच से गुजर रही है। पाइप लाइन में जगह-जगह लीकेज होने के कारण नालियों का गंदा पानी पेयजल में मिल रहा है, जिसके परिणामस्वरूप नलों से गाद युक्त और दुर्गंध वाला पानी आ रहा है। प्रशासन की इस निरंतर अनदेखी से स्थानीय जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है।

मौके पर जुटे अधिकारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब प्रशासन सक्रिय हुआ है। एसडीएम राकेश परमार और तहसीलदार विवेक सोनी ने प्रभावित बस्तियों का दौरा किया और पानी के सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेजने के निर्देश दिए हैं। महू बीएमओ डॉ. योगेश सिंगारे ने पुष्टि की है कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें अब घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं ताकि बीमारों की पहचान की जा सके। वर्तमान में तीन बच्चे अस्पताल में उपचाराधीन हैं, जबकि शेष मरीजों का इलाज उनके घर पर ही किया जा रहा है।

विधायक उषा ठाकुर ने लिया स्थिति का जायजा
बीमारी फैलने की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक उषा ठाकुर गुरुवार रात को प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचीं। उन्होंने पत्ती बाजार और मोती महल में मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। विधायक ने स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि मरीजों को तत्काल बेहतर इलाज और दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने दूषित पानी की सप्लाई तुरंत बंद कर टैंकरों के माध्यम से वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था करने और पाइप लाइन की तकनीकी जांच करवाकर समस्या का स्थायी समाधान निकालने का आश्वासन दिया है।